रिस्क मनी” (Risk Money) एक ऐसा शब्द है जो आजकल शेयर बाज़ार, ट्रेडिंग और पर्सनल फाइनेंस की दुनिया में बहुत ज़्यादा सुनने को मिलता है। बहुत से लोग इसे अलग-अलग तरीके से समझते हैं, इसलिए आज हम इसे बिल्कुल साफ-साफ और विस्तार से समझेंगे। Read More Click Here
रिस्क मनी का सही मतलब ?
रिस्क मनी पैसा है जिसे आप मानसिक रूप से खोने के लिए तैयार होते हैं।
सरलता से, “वह धन जो आप खो दोगे तो आपकी ज़िंदगी पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ेगा – यह आपके परिवार को परेशान नहीं करेगा, आपकी आवश्यक खर्चों को नहीं रोकेगा और आपको नींद नहीं आएगी। अब आप उच्च जोखिम वाले निवेश में इसे लगा सकते हैं क्योंकि आपने इसे अपनी ज़रूरी ज़िम्मेदारियों (घर का किराया, बच्चों की फीस, बीमा, EMI और रोज़मर्रा का खर्च) को पूरा करने के बाद बचाया है।
सबसे अच्छा ट्रेडिंग ऐप कौन सा है? Click Here
Table of Contents
रिस्क मनी नहीं है ये चीज़ें ?
आपका इमरजेंसी फंड (6 से 12 महीने का खर्च), घर की EMI या किराया, बच्चों की पढ़ाई-शादी, रिटायरमेंट फंड, ऋण चुकाने वाला पैसा
इनमें से कोई भी पैसा रिस्क मनी नहीं है। अगर आप शेयर मार्केट या क्रिप्टो में इन्हें डाल देंगे और आपका पैसा डूब जाएगा, तो आप मुसीबत में आ जाएंगे।
- India vs Pakistan: T20 World Cup 2026 में भारत की ऐतिहासिक जीत का पूरा विश्लेषण
- IND VS NAM : एकतरफा मुकाबला, जिसमें भारत ने दिखा दी अपनी असली ताकत
- what is epstien file.
- IND vs USA , T20 World Cup 2026: सूर्यकुमार यादव की कप्तानी पारी से भारत की शानदार जीत
- Is sai pallavi married
रिस्क मनी क्यों ज़रूरी है?
जब आप जानते हैं कि यह पैसा खोने से आपकी ज़िंदगी नहीं रुकेगी, तो आप निवेश को लंबे समय तक बनाए रख सकते हैं बिना डरने के।
जब लोग ज़रूरी पैसा लगा देते हैं, मार्केट गिरते ही घबरा कर बेच देते हैं और घाटा पक्का कर लेते हैं, तो गलत निर्णय कम होते हैं।
शेयर मार्केट, क्रिप्टो, स्टार्टअप निवेश, एफ़ओ ट्रेडिंग जैसी जगहों पर बड़ा रिटर्न पाने का मौका 10-20 गुना तक बढ़ सकता है, लेकिन उतना ही जोखिम भी है। इसके लिए केवल रिस्क पैसे लगाने चाहिए।
कितना पैसा रखें रिस्क मनी के रूप में?
लेकिन सामान्य नियम हैं, कोई फिक्स प्रतिशत नहीं है:
नए निवेशकों के लिए: 5-15% (सेविंग्स – आवश्यक खर्चे – आकस्मिक धन) अनुभवी और उच्च जोखिम लेने वालों के लिए: 20 से 40 प्रतिशत → बहुत तेजी से निवेश करने वाले: 50% भी, लेकिन बहुत विचारपूर्वक
उदाहरण है:
आपकी मासिक आय एक लाख रुपये है, मान लो।
खर्च, EMI और सेविंग्स मिलाकर हर महीने ₹20,000 बचता है।
6 महीने का आपातकालीन धनराशि बनाया गया।
तो आप अब हर महीने ₹20,000 में से ₹3,000-8,000 को रिस्क मनी मानकर हाई-रिस्क निवेश (इंट्राडे, F&O, छोटे शेयर, क्रिप्टो) में लगा सकते हैं।
