क्रिकेट दुनिया में कई मुकाबले ऐसे होते हैं जहाँ आंकड़े बहुत बड़े होते हैं, लेकिन उन आंकड़ों के भीतर छिपी कहानी उससे भी अधिक दमदार होती है। भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच खेले गए दूसरे वनडे मुकाबले में कुछ ऐसा ही देखने को मिला। एक तरफ भारतीय बल्लेबाजों ने रन बरसाए, तो दूसरी तरफ दक्षिण अफ्रीका ने वह कर दिखाया जिसकी शायद किसी ने उम्मीद नहीं की थी—358 जैसे विशाल लक्ष्य का पीछा करते हुए 49.2 ओवर में 362 रन बना डाले। इस जीत का केंद्र बिंदु रहे Aiden Markram, जिन्होंने कप्तानी करते हुए बल्ले से वह करिश्मा किया जिसने मैच का रुख पलट दिया। उनकी 110 रन की शानदार पारी ने न सिर्फ दक्षिण अफ्रीका को जीत दिलाई बल्कि तीन मैचों की सीरीज़ को भी 1-1 की बराबरी पर ला खड़ा किया। चलिए इस मैच की पूरी कहानी विस्तार से समझते हैं—हर मोड़, हर संघर्ष, हर वह क्षण जिसने इस मुकाबले को यादगार बना दिया। Read More Click Here
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टॉस और शुरुआती माहौल: भारत को मिला बल्लेबाज़ी का मौका
Raipur के Shaheed Veer Narayan Singh International Stadium में खेले गए इस मुकाबले में टॉस दक्षिण अफ्रीका के कप्तान ने जीता और पहले गेंदबाज़ी का फैसला किया। यह निर्णय कई लोगों को हैरान कर सकता था, लेकिन पिच पर मौजूद हल्की सी हरकत और शुरुआती नमी को देखते हुए यह फैसला सही भी लग रहा था। भारत ने शुरुआत संभलकर की, लेकिन जल्द ही पहला झटका लग गया—रोहित शर्मा सिर्फ 14 रन बनाकर आउट हो गए। इसके बाद यशस्वी जायसवाल और विराट कोहली ने पारी संभालने की कोशिश की, लेकिन जायसवाल भी 22 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। यह वह मौका था जब भारत को किसी मजबूत साझेदारी की जरूरत थी।
किंग कोहली की दबदबे वाली पारी: 102 रन की क्लासिकल सेंचुरी
विराट कोहली ऐसे मौकों पर हमेशा आगे बढ़ते हैं, और इस बार भी उन्होंने वही किया।
93 गेंदों में 102 रन—7 चौकों और 2 छक्कों के साथ। यह कोहली की 53वीं ODI सेंचुरी थी, एक ऐसी पारी जिसमें क्लास, टाइमिंग और तेज़ी तीनों देखने को मिले। कोहली की यह पारी भारत के कुल स्कोर के लिए रीढ़ की हड्डी साबित हुई। लेकिन असली आग तो अभी बाकी थी…
Ruturaj Gaikwad की विस्फोटक Maiden ODI सेंचुरी
भारतीय क्रिकेट में युवा खिलाड़ियों की बात होती है तो रुतुराज गौसक्वाड का नाम लगातार उभरता है। इस मैच में उन्होंने दिखा दिया कि वह बड़े मुकाबलों में भी बेखौफ खेल सकते हैं।
105 रन (83 गेंद)
12 चौके और 2 छक्के
गैसक्वाड और कोहली की साझेदारी ने भारत को न सिर्फ वापसी करवाई बल्कि दक्षिण अफ्रीकी गेंदबाजों पर दबाव भी बनाया। Marco Jansen और Ngidi जैसी गेंदबाज़ी लाइनअप भी उनके सामने बेअसर दिखी। पारी के आखिर में KL Rahul (66 रन)* ने तेज़ बल्लेबाज़ी कर भारत का स्कोर 358/5 तक पहुंचा दिया। यह स्कोर सामान्य परिस्थितियों में लगभग ‘विजयी स्कोर’ माना जाता है, लेकिन मैच अभी बाकी था…
दक्षिण अफ्रीका की शुरुआत: शुरुआती झटके और दबाव
इतने बड़े लक्ष्य का पीछा करते हुए दक्षिण अफ्रीका ने शुरुआत खराब की।
Quinton de Kock 8 रन पर आउट हुए।
एक समय स्कोर था सिर्फ 26/1।
भारत को लगा कि शायद यही मोड़ होगा जहाँ दबाव बन जाएगा और मुकाबला एकतरफा हो जाएगा।लेकिन ऐसा नहीं हुआ…
Temba Bavuma और Aiden Markram ने पारी को संभाला
दक्षिण अफ्रीका के कप्तान Markram और Temba Bavuma ने संभलकर खेलते हुए पारी को आगे बढ़ाया।
दोनों ने रोटेशन ऑफ स्ट्राइक पर जोर दिया और Loose गेंदों पर करारा प्रहार किया। बवुमा ने 46 रन की महत्वपूर्ण पारी खेली। स्कोर 127/2 पर पहुंच चुका था—SA गेम में वापस था। लेकिन जो असली तूफान आने वाला था, वह सिर्फ एक खिलाड़ी के बल्ले से निकला।
Aiden Markram का Masterclass: 110 रन—वह पारी जिसने नतीजा बदल दिया
98 गेंदों में 110 रन, 10 चौके और 4 छक्के—Markram की यह पारी सिर्फ रन बनाने की पारी नहीं थी, यह एक कप्तानी इनिंग थी।
उन्होंने एक भी गेंद को बेवजह नहीं खेला। जहाँ स्ट्राइक रोटेट करनी थी, की। जहाँ गेंदबाज़ पर दबाव बनाना था, वहाँ बड़े शॉट लगाए। Markram के खेल का संतुलन—अटैक और डिफेंस का मिश्रण—इस पारी को ऐतिहासिक बना गया। भारत के गेंदबाज उन पर दबाव नहीं बना सके। Kuldeep Yadav, Harshit Rana और Prasidh Krishna सभी महंगे साबित हुए। Markram ने भारतीय गेंदबाजी की लाइन-लेंथ को बिखेर दिया।
Middle Overs में Brevis–Breetzke का कमाल
South Africa के युवा बल्लेबाज Dewald Brevis (54 रन) और Matthew Breetzke (68 रन) भी Markram के साथ मिलकर मैच की गति को तेज करते रहे। Brevis ने अपनी छोटी लेकिन विस्फोटक पारी में भारत के गेंदबाजों को खासा परेशान किया। वहीं Breetzke ने क्रीज पर टिककर खेला और महत्वपूर्ण साझेदारी की। यह वह मोड़ था जहाँ भारत मैच से दूर होता जा रहा था। Latest Product
अंतिम overs में Corbin Bosch और Keshav Maharaj ने खत्म किया काम
जब आखिरी 5 ओवर बचे थे, दक्षिण अफ्रीका को रन-रेट की जरूरत थी।
भारत को उम्मीद थी कि विकेट गिरेंगे और दबाव बनेगा। लेकिन Corbin Bosch (29* रन) और Maharaj (10* रन) ने जिम्मेदारी के साथ खेलते हुए मैच को जीत की ओर मोड़ दिया। Bosch ने कुछ शानदार चौके और बड़े शॉट लगाए। Maharaj ने स्ट्राइक रोटेट कर जीत को आसान बनाया। 49.2 ओवर में South Africa ने लक्ष्य हासिल कर लिया—362/6
