30/01/2026
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section 142(1) income tax notice 2025

section 142(1) income tax notice 2025

Section142(1) के तहत नोटिस प्राप्त होने पर आपको घबराने की कोई जरूरत नहीं है। आपकी आयकर रिटर्न की जांच के दौरान यह एक आम प्रक्रिया हो सकती है। हम इस लेख में हिंदी में बताएंगे कि यह नोटिस क्या है, क्यों जारी होता है, इसका जवाब कैसे दें और क्या सावधानियां बरतनी चाहिए। आपको कानूनी रूप से सही निर्णय लेने में यह जानकारी मदद करेगी, जो आयकर अधिनियम 1961 की धारा 142(1) पर आधारित है। Read More Click Here

section 142(1) नोटिस क्या है?

आयकर अधिनियम की धारा 142(1) कर अधिकारी (असेसिंग ऑफिसर) को अधिकार देती है कि वे किसी करदाता से अधिक जानकारी, दस्तावेज या आय का रिटर्न मांग सकें। यह पत्र मूल रूप से आपके इनकम टैक्स रिटर्न (आईटीआर) की सटीकता का पता लगाने के लिए भेजा जाता है।

प्रमुख लक्ष्य: कर अधिकारी को सुनिश्चित करना होगा कि आपके निवेश, कटौतियां, आय और खर्चों की सही जानकारी है। यदि विभाग को लगता है कि आपके रिटर्न में कुछ कमी है या और स्पष्टीकरण चाहिए, तो यह नोटिस जारी किया जाएगा।
किसे संपर्क कर सकते हैं? किसी भी करदाता को, चाहे आपने रिटर्न फाइल किया हो या नहीं। यहां तक कि अगर विभाग को संदेह है कि आपकी आय टैक्स की सीमा से कम है, तो नोटिस मिल सकता है।

section 142(1 ) Notice मिलने के मुख्य कारण ?

वापसी फाइल नहीं करना: अगर आपने आईटीआर को निर्धारित तिथि (जैसे 31 जुलाई) तक नहीं भेजा, तो विभाग आपको रिटर्न दाखिल करने का नोटिस भेजता है।
रिटर्न में समस्या: आपके रिटर्न में आय की गणना गलत हो, कटौतियां (जैसे 80C, 80D) बिना सबूत के क्लेम की गई हों, या बैंक में बड़ी रकम जमा होने पर स्रोत अज्ञात हो।
अतिरिक्त जानकारी चाहिए: विभाग को निवेश प्रमाण, बिक्री-पुस्तकें, संपत्ति का विवरण या बैंक रिकॉर्ड चाहिए।
स्क्रूटनी से पहले परीक्षण: यह पहली जांच है, जो धारा 143(2) या 143(3) के तहत एक व्यापक जांच का आधार बन सकती है।
पुरानी आय का विश्लेषण: विभाग कभी-कभी पिछले तीन वर्षों की सूचना मांग सकता है, लेकिन इससे अधिक पुरानी नहीं।

देखें: आपको नोटिस मिलना यह नहीं बताता कि आपने कोई गलती की है। स्पष्टता के लिए यह है।

नोटिस का जवाब कैसे दें?

जवाब न देने पर जुर्माना लग सकता है, इसलिए नोटिस मिलने पर तुरंत कार्रवाई करें। नोटिस में जवाब देने का समय सीमा बताया गया है, आम तौर पर 15 से 30 दिन। यह एक चरण-दर-चरण दिशानिर्देश है:

नोटिस को पढ़कर समझें: नोटिस में क्या अनुरोध किया गया है? (जैसे रिटर्न फाइल करना, दस्तावेज जमा करना या समझाने) अगर आप किसी चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) से सलाह चाहते हैं, तो करें।
ई-फाइलिंग पोर्टल में प्रवेश करें:
अपने PAN और पासवर्ड से www.incometax.gov.in पर जाएँ।
“e-Proceedings” या “Pending Actions” खंड में जाएं। आपका नोटिस इस स्थान पर दिखाई देगा।

जवाब तैयार करें: अगर रिटर्न नहीं फाइल किया गया है: नियमित फॉर्म, जैसे ITR-1, ITR-2, भरें और अपलोड करें।
अगर आवश्यक दस्तावेज हैं: स्कैन करके PDF (बैंक स्टेटमेंट, निवेश रसीदें, आदि) में अपलोड करें।
स्पष्टीकरण: एक लेटर में जानकारी सही क्यों है बताएं। सबूत प्रस्तुत करें।
File Size: 5MB से कम होना चाहिए।

आपका उत्तर सबमिट करें:
पोर्टल पर, जवाब भेजने पर क्लिक करें।
टिक करके डिक्लेरेशन सबमिट करें।
एक समाधान डाउनलोड करें— यह आपका प्रतिद्वंद्वी है।

Online विकल्प: पोर्टल में कोई समस्या होने पर नोटिस में दिए पते पर स्पीड पोस्ट से उत्तर दें। लेकिन ई-फाइलिंग सर्वश्रेष्ठ है।

टिपः जवाब देने से पहले CA से सहायता लें। गलत उत्तर समस्या बढ़ा सकता है।

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